लिख दिया
जो उठाई नज़र तो दुआ लिख दिया,
कोरे कागज पे हम वफ़ा लिख दिया,,
इस कदर रंग लाई मेरी आशिक़ी,
हम ने महबूब को ही ख़ुदा लिख दिया,,
जुल्फ झटकों न ऐसे सुनो नाज़नी,
दिल दीवाने ने इस को अदा लिख दिया,,
जश्न-ए हसरत लिखा वस्ल-ए- हिज़्रत लिखा,
गीत ग़ज़लों का ज़ां काफिया लिख दिया,
जब उठाई कलम बस मुहब्बत लिखा,
ज़िंदगी का हसीं फलसफा लिख दिया,,
ज़ाम मय का पिलाया नज़र से मुझे,
उन कि आंखों को है मयकदा लिख दिया,,
बात गोपाल तुम क्यों समझते नहीं,
जिस को चाहा उसी को ख़ुदा लिख दिया,,
Gopal Gupta" Gopal "
madhura
28-May-2023 06:25 PM
fantastic
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सीताराम साहू 'निर्मल'
28-May-2023 10:40 AM
बहुत खूब
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